ओडिशा कांग्रेस में बगावत: प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ विधायकों ने खोला मोर्चा, दी पार्टी छोड़ने की धमकी

संपद पटनायक
ओडिशा कांग्रेस के चीफ प्रसाद हरिचंदन के खिलाफ पार्टी विधायकों ने बगावत कर दी है। इतना ही नहीं, विधायक पार्टी छोड़ने की धमकी भी दे रहे हैं। बुधवार को कई कांग्रेस नेता दिग्गज पार्टी नेता नरसिंह मिश्रा के घर पर एकत्रित हुए, जहां पर उन्होंने विधानसभा के बजट सत्र के शुरुआती दिन के लिए कांग्रेस विधानसभा दल की रणनीति को लेकर बातचीत की। इसके साथ ही कुछ नेताओं ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि वे प्रसाद हरिचंदन की अगुआई से खुश नहीं हैं।
सुंदरगढ़ से विधायक जोगेश सिंह ने प्रसाद को लेकर कहा, “उनकी लीडरशिप सही नहीं है। संगठन को उनकी अगुआई से कोई लाभ नहीं मिल रहा है। मैं हरिचंदन के नेतृत्व में चुनाव नहीं लडूंगा। मैं इस पर अपने मतदातों से बात करूंगा और किसी अन्य पार्टी में चला जाऊंगा।” वहीं, जईपुर से विधायक तारा प्रसाद बाहिनीपति ने कहा, “मैं अभी यह तय नहीं कर पाया हूं कि प्रसाद के नेतृत्व में चुनाव लडूंगा या नहीं, लेकिन मेरा मन इसके लिए तैयार नहीं हो रहा।” इसी तरह कई ऐसे विधायक हैं, जो प्रसाद हरिचंदन के नेतृत्व में चुनाव नहीं लड़ने की बात कह रहे हैं।
बता दें कि 2014 के विधानसभा चुनाव के बाद ओडिशा विधानसभा में 147 में से कांग्रेस के केवल 16 सदस्य ही हैं। चुनाव के बाद प्रसाद हरिचंदन को स्टेट चीफ बनाया गया था और तब से ही राज्य में कांग्रेस का भविष्य अनिश्चित है। फरवरी में बीजेपुर में हुए उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार प्रणय साहू की जमानत जब्त हो गई थी, जो पिछले तीन चुनाव जीत चुके थे। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि बीजेपुर के लिए प्रणय साहू को मैदान में उतारना सही फैसला था, लेकिन उनका नाम बहुत बाद में दिया गया। उपचुनाव में प्रचार करने के लिए प्रणय साहू को थोड़ा और समय चाहिए था। इसके साथ ही पार्टी नेताओं ने यह भी कहा कि पार्टी को स्टेट चीफ के तौर पर पूर्व कांग्रेस विधायक सुबल साहू की पत्नी रीता को नियुक्त करना चाहिए।