राजस्थान: टिकट न मिलने पर नाराज संतोष अहलावत

झुंझुनूं: बीजेपी ने गुरुवार को प्रदेश में अपने प्रत्याशियों की पहली सूची जारी की और इसमें प्रदेश की एकमात्र महिला सांसद संतोष अहलावत का टिकट काटा गया. संतोष अहलावत ही मौजूदा सांसदों में ऐसा पहला चेहरा है, जिसे बदला गया है. सभी जगहों पर मौजूदा सांसदों को फिर से चुनाव मैदान में उतारा गया है.
इधर, सांसद संतोष अहलावत की टिकट कटने के बाद उन्होंने भी तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं. हालांकि वह ना तो पार्टी के खिलाफ जा रही हैं और ना ही बगावत कर चुनाव लड़ रही हैं लेकिन उन्होंने पार्टी के नेताओं का नाम लिए बगैर आरोप लगाया है कि कुछ लोग उनके खिलाफ चालें चल रहे हैं. वो चाहते हैं कि संतोष अहलावत का राजनीतिक करियर खत्म हो जाए.
उन्होंने कहा कि ना तो उनके ऐसे संस्कार है और ना ही उनके खून में है कि वे पार्टी के साथ दगा करें लेकिन वह इस आदेश का आंख मूंदकर पालना करें, यह भी सही नहीं है. उन्होंने कार्यकर्ताओं से चर्चा कर आगामी फैसला लेने की बात कही. उन्होंने डॉ. दिगंबरसिंह के सूरजगढ़ चुनाव पर एक सवाल में बड़ा बयान दिया और कहा कि पार्टी ने बिना राय के डॉ. दिगंबरसिंह को चुनाव मैदान में उतार दिया.
उनके पास से 50 लाख रुपए भी लग गए. उन्होंने चुनाव जीताने में जी-जान भी लगा दी. बावजूद इसके षड्यंत्र करने वाले नेताओं ने उनकी छवि को खराब कर दिया. इधर, उनसे मिलने आए पार्टी कार्यकर्ताओं ने भी इस निर्णय का विरोध किया और कहा कि पार्टी यदि दो दिनों में फैसला नहीं बदलेगी तो इसका खामियाजा पार्टी को भुगतना पड़ेगा.