180 किमी पैदल चल मुंबई पहुंचे लगभग 35 हजार किसान, विधानसभा का करेंगे घेराव

महाराष्ट्र के लगभग 35 हजार किसान अपने मांगों के लेकर रविवार की शाम मुंबई पहुंच गए हैं। सोमवार को ये लोग विधानसभा का घेराव करेंगे। पिछले पांच दिनों में ये किसान 180 किलोमीटर की दूरी पैदल तय कर मुंबई पहुंचे हैं। अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले किसान नासिक से मुंबई के लिए 7 मार्च को निकले थे। विधानसभा की ओर बढ़ रहे किसानों को देखते हुए सरकार ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। मुंबई पुलिस की तरफ से इस संबंध में एडवाइजरी भी जारी की गई है। इस मार्च में शामिल किसानों का कहना है कि राज्य सरकार ने पिछले साल कर्ज माफी का जो वादा किया था, उसे पूरा नहीं किया। साथ ही किसान स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की भी मांग कर रहे हैं।
बता दें कि अनाज की आपूर्ति को भरोसेमंद बनाने और किसानों की आर्थिक हालत को बेहतर करने के मकसद से 18 नवंबर 2004 को केंद्र सरकार ने एमएस स्वामीनाथन की अध्यक्षता में राष्ट्रीय किसान आयोग का गठन किया गया था। इस आयोग ने पांच रिपोर्ट सौंपी थी। स्वामीनाथ आयोग की रिपोर्ट में भूमि सुधारों को बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
अखिल भारतीय किसान सभा के राज्य महासचिव अजित नवले ने मीडिया को बताया कि किसान सरकार की ओर से उनसे किए गए वादों को लागू नहीं करने को लेकर जवाब मांगेंगे। नवले ने बताया कि राज्य के किसान कृषि संकट से जूझ रहे हैं और वे भारी वित्तीय बोझ के तले दबे हैं। सरकार ने उन्हें राहत पहुंचाने के लिए कुछ नहीं किया है, इसलिए उनके पास विरोध मार्च के माध्यम से अपने आक्रोश को व्यक्त करने के अलावा कोई चारा नहीं है। नवले ने कहा कि किसानों की नासिक से मुंबई तक की 180 किलोमीटर लंबी पदयात्रा में शुरू में 12,000 किसान शामिल थे, जिसमें अब 35,000 से ज्यादा किसान शामिल हो चुके हैं, जो किसानों के बीच असंतोष की तीव्रता को दर्शाता है। उन्होंने कहा जिस तरीके से किसान इससे जुड़ रहे हैं उस तरह आनमे वाले दिनों में किसानों की संख्या 55,000-60,000 हो जाएगी।