गैंगरेप में दो दोस्त बने थे पहरेदार, हाई कोर्ट ने माना बराबर का गुनहगार,
जज सानप ने इस तर्क में कोई दम नहीं पाया कि कुणाल और अशोक को सबूतों के आधार पर गैंगरेप के लिए दोषी नहीं ठहराया जा सकता है. गैंगरेप के 4 दोषियों की सजा को बॉम्बे हाई कोर्ट ने बरकरार रखा है. इस फैसले को बरकरार रखते हुए कोर्ट ने साफ किया कि ऐसे मामले में दोषी ठहराने के लिए यौन उत्पीड़न में सीधे शामिल होना ही जरूरी नहीं है. कोर्ट ने सजा के फैसले को बरकरार रखते हुए ऐसे मामलों के लिए बड़ी नजीर पेश की है, जिसमें आरोपी सीधे
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