बच्चे जब बहस करें
बच्चे आखिर बच्चे ही होते हैं। जिद भी करेंगे, रूठेंगे भी। अपनी बात मनवाने को मजबूर भी करेंगे। अगर बच्चों में ये बाल हठ नहीं होगा तो फिर बच्चे कैसे? पर फिर माता-पिता इतने परेशान क्यों जाते हैं बच्चों की जरा-जरा सी बातों को लेकर? बच्चों को समझाने के बजाय उनसे बहस करना, उलझना, उन पर झल्लाना क्या उचित है? बच्चों के लालन-पालन के बारे में बता रही हैं सुमन बाजपेयी। दस साल की नेहा बहुत प्यारी बच्ची है। हंसी और पढ़ाई के अलावा अन्य चीजों को भी समझने की
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