जब सुनील गावस्कर की सेंचुरी के चक्कर में संदीप पाटिल की गीली हो गई थी पैंट

आपने क्रिकेट से जुड़े कई रोचक किस्से सुने होंगे मगर आज हम आपको ऐसे वाकये के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे जानकर आप शायद एक पल यकीन तक ना कर सकें मगर ये सच है। हुआ यू्ं कि 1982 में पाकिस्तान के खिलाफ फैसलाबाद टेस्ट में सुनील गावस्कर 90 रन बनाकर खेल रहे थे। इसी बीच संदीप पाटिल बाथरूम जाने के लिए अपनी कुर्सी से उठे मगर टीम मैनेजर फतेहसिंह राव गायकवाड़ ने उन्हें रोक लिया। इसके पीछे की वजह ये थी कि उस वक्त जब कोई खिलाड़ी शतक के करीब होता था तो कोई भी खिलाड़ी ड्रेसिंग रूम छोड़कर नहीं जाता था।
संदीप पाटिल कुर्सी पर वापस बैठ तो गए मगर उन्हें इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि गावस्कर अगले 10 रन कितनी देर में बना पाएंगे। गावस्कर ने तो हद ही कर दी। उन्हें 92 से 100 के बीच पहुंचने में पूरे 1 घंटे लग गए लेकिन जबतक गावस्कर ने अपना शतक पूरा किया तब तक संदीप पाटिल अपनी पैंट गीली कर चुके थे।
बता दें कि 10 जुलाई 1949 को जन्में सुनील गावस्कर ने 125 टेस्ट मैचों में 16 बार नाबाद रहते हुए 34 शतक और 45 अर्धशतक की मदद से 10122 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने नाबाद 236 रन की भी पारी खेली थी। वहीं बात अगर वनडे की करें तो इस खिलाड़ी ने 108 मैचों में 62.26 की स्ट्राइक के साथ 3092 रन बनाए। गावस्कर को 1975 में अर्जुन पुरस्कार, 1980 में विस्डन और उसी वर्ष पद्म भूषण से भी सम्मानित किया जा चुका है।
गावस्कर (अपने समय काल में) ने विश्व क्रिकेट में 3 बार, एक वर्ष में एक हज़ार रन, सर्वाधिक शतक (34), सर्वाधिक रन (नौ हजार से अधिक), सर्वाधिक शतकीय भागेदारियाँ एवं प्रथम श्रृंखला में सर्वाधिक रन बनाने वाले एकमात्र बल्लेबाज रहे हैं।