करोड़ों खर्च होने के बावजूद बढ़ रही है अतिकुपोषित बच्चों की संख्या
जिले में कुपोषण के शिकार बच्चों की संख्या निरंतर बढ़ रही है। बाल विकास व पुष्टाहार विभाग के आंकड़ों के अनुसार 2017 में 40393 को कुपोषित व अतिकुपोषित बच्चे पाए गए हैं। जबकि ऐसा नहीं हैं कि विभाग के पास इनके स्वस्थ्य करने के लिए कोई योजना न हो। बजट भी हैैं, पर कमी है तो वो आत्मविश्वास की, जिसमें अधिकारी से लेकर कर्मचारी इसको लेकर गंभीर नहीं हैं। जालौन में कुपोषण को लेकर बच्चों के शरीर से दूर भगाने की विभाग की इच्छाशक्ति मरती दिखाई दे रही है, क्योंकि
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