गैर मर्द से संबंध बनाने पर महिला भी होगी आरोपी! 157 साल पुराने कानून पर पुनर्विचार करेगा सुप्रीम कोर्ट
उच्चतम न्यायालय व्यभिचार पर औपनिवेशिक काल के एक कानून की संवैधानिक वैधता पर विचार करने के लिए शुक्रवार (8 दिसंबर) को तैयार हो गया। इस कानून में व्यभिचार के लिए सिर्फ पुरूषों को ही सजा देने का प्रावधान है जबकि जिस महिला के साथ सहमति से यौनाचार किया गया हो वह भी इसमें बराबर की हिस्सेदार होती है, लेकिन उसे दंडित करने का कोई प्रावधान नहीं है। शीर्ष अदालत ने यह भी कहा कि यदि पति अपनी पत्नी और एक दूसरे व्यक्ति के बीच संसर्ग की सहमति देता है तो
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