टिकट नहीं होने पर मां समेत नेत्रहीन छात्र को फ्लाइंग दस्ते ने बस से उतारा, दिखाया था सर्टिफिकेट
एक नेत्रहीन छात्र और उसकी मां को रोहतक डिपो के उड़नदस्ते ने, उनके पास 100 फीसदी दिव्यांग का प्रमाणपत्र होने के बावजूद राज्य परिवहन की बस से इसलिए जबरन नीचे उतार दिया क्योंकि उन्होंने टिकट नहीं ली थी। गौरतलब है कि राज्य परिवहन की बस में 100 फीसदी दिव्यांग और उसके साथ एक सवारी को मुफ्त यात्रा की सुविधा है। पीड़ित बच्चे की मां ने रोडवेज महाप्रबंधक के अलावा मुख्यमंत्री, राज्य मानवाधिकार आयोग और केंद्रीय मानवाधिकार आयोग को पत्र लिख कर न्याय की गुहार लगाई और दोषियों के खिलाफ कड़ी
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