मुनाफाखोरी-रोधी प्राधिकरण को मंजूरी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था के तहत राष्ट्रीय मुनाफाखोरी-रोधी प्राधिकरण के गठन को मंजूरी दे दी है। इस प्राधिकरण के गठन के पीछे मकसद नई अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था में घटी दरों का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाना है। केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद कहा कि अब सिर्फ 50 ऐसी वस्तुएं जीएसटी की 28 फीसद के ऊंचे कर स्लैब में रह गई हैं। वहीं कई वस्तुओं पर कर की दर को घटाकर पांच फीसद किया गया है। प्रसाद ने कहा
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