करवा चौथ का चांद भी रोशन नहीं कर सका छोटे बाजार
पिछली बार की तरह इस करवा चौथ के लिए ब्यूटी पार्लर के आगे रंगीन शामियाना लगा कर कुर्सियां सजा दी थीं। लेकिन मन में पहले से डर था कि कहीं इस शामियाने और कुर्सी का किराया ही भारी न पड़ जाए। गाजियाबाद में ब्यूटी पार्लर चलाने वाली कल्पना कहती हैं कि करवा चौथ तो एक ऐसा मौका होता था जब आधे साल की कमाई निकल जाती थी। लेकिन इस बार हर साल की तुलना में आधे कस्टमर ही आए हैं’। तो क्या आप इसे नोटबंदी और जीएसटी से जोड़ कर
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