विदेशी छात्रों और शिक्षकों की कमी से रैंकिंग में पिछड़े भारतीय संस्थान
सिलीकन वैली को कई कामयाब सीईओ और उद्योगपति देने वाले भारतीय संस्थान विश्व रैंकिंग में लगातार पिछड़ते जा रहे हैं। हाल ही में जारी टाइम्स हायर एजुकेशन (टीएचई) वर्ल्ड यूनिवर्सिर्टी रैंकिंग 2018 में भारत का कोई भी संस्थान शीर्ष 200 की सूची में नहीं है। विशेषज्ञ इसकी कई वजह मानते हैं, जिनमें विदेशी विद्यार्थियों और शिक्षकों की कमी के साथ कम छात्र-शिक्षक अनुपात शामिल है। आइआइटी दिल्ली के निदेशक प्रोफेसर वी रामगोपाल राव के मुताबिक संस्थानों को कई मानदंडों के आधार पर विश्व रैंकिंग दी जाती है। इसमें से एक
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