प्रधानमंत्री अपने बिहारी मोदी से खुश हैं
सुशील मोदी बखूबी जानते हैं कि एक साधे सब मिले, सब साधे मिले न कोऊ। नीतीश कुमार को पहले भी साध रखा था। फिर साध लिया। पहले तो उनकी पार्टी के नेता तक उन्हें नीतीश की छाया बता कर उनकी खिल्ली उड़ाने लगे थे। पीठ पीछे उन्हें फिर उसी पुराने संबोधन से पुकार रहे हैं। हां, अब पहले की तरह किसी की चख-चख करने की मजाल नहीं। सुशील मोदी की क्षमता तो देख ही ली उनकी पार्टी के आला नेतृत्व ने। बिना किसी हो-हल्ले के भाजपा फिर बिहार की सत्ता
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