प्यार में बनाया गया जिस्मानी रिश्ता कभी भी रेप नहीं होता: हाई कोर्ट ने किया आरोपी पुरुष को बरी
बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा बेंच ने अपने एक अहम फ़ैसले में एक रेप के आरोपी पुरुष की बरी करते हुए कहा है कि प्रेम संबंधों के दौरान सहमति से सेक्स करने पर किसी व्यक्ति को बलात्कार का दोषी नहीं ठहराया जा सकता। सिर्फ महिला के गलत बयानी के आधार पर ही किसी को सजा नहीं दी जा सकती। हाई कोर्ट की बेंच ने यह बातें ट्रायल कोर्ट से बलात्कार के आरोप में सात साल की सजा और दस हजार जुर्माना की सजा पाए व्यक्ति के मामले में कही, जिस
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