राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सर्दी से पहले ही हवा की गुणवत्ता हुई खराब, दिल्ली सरकार लगाएगी NDMC पर 20 लाख का जुर्माना

मीडीया में आई एक रिपोर्ट के अनुसार हवा की गति कम होने और तापमान कम होने के चलते प्रदूषक तत्वों के हवा में जमा होने के कारण राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की वायु गुणवत्ता मंगलवार सुबह “बहुत खराब” श्रेणी में पहुंच गई। जानकारों का मानना है कि पराली जलाने से राज्य में हालात और बिगड़ सकते हैं। इस मौसम में पहली बार हवा की गुणवत्ता इतनी खराब हुई है। प्रदूषण की समस्या को लेकर  उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि  दिल्ली सरकार लगातार पूरे साल काम कर रही है, ताकि दिल्ली का प्रदूषण कम किया जा सके। लेकिन पराली का प्रदूषण सिर्फ दिल्ली की नहीं पूरे नार्थ इंडिया की समस्या है। अफसोस की बात है केंद्र सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया, पूरे साल हाथ पर हाथ रखे बैठी रही।

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की वायु गुणवत्ता प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली के अनुसार, पंजाब, हरियाणा और पाकिस्तान के नजदीकी क्षेत्रों में खेतों में पराली जलाने की घटना में वृद्धि भी दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता को प्रभावित करने वाली है। महानगर में सुबह 9:30 बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 304 दर्ज किया, जो “बहुत खराब” श्रेणी में आता है। सोमवार को 24 घंटे का औसत एक्यूआई 261 रहा, जो फरवरी के बाद से सबसे खराब है। यह औसत रविवार को 216 और शनिवार को 221 दर्ज किया गया था।

मीडीया रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली सरकार ने प्रदूषण पर सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। सरकार ने भलस्वा लैंडफिल पर धूल नियंत्रण नियमों के उल्लंघन को लेकर उत्तरी दिल्ली नगर निगम पर 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाने की बात कही है। यह जानकारी दिल्ली सरकार की तरफ से पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने दी। इससे पहले गोपाल राय ने ट्वीट कर कहा था कि भलस्वा लैंडफिल साइट का “युद्ध, प्रदूषण के विरुद्ध” अभियान के तहत औचक निरीक्षण। निरीक्षण के दौरान लापरवाही पाई गई, DPCC को कानूनी कार्यवाही करने का निर्देश दिया।

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