आंध्र-ओडिशा पहुंचा खतरनाक ‘तितली’ तूफान, 18 जिलों में रेड अलर्ट, स्कूल-कॉलेज बंद

नई दिल्ली: चक्रवाती तूफान तितली गुरुवार सुबह उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तट पर पहुंच गया है. तितली के कहर से लोगों को बचाने के लिए प्रशासन अलर्ट हो गया है. गुरुवार सुबह प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा ओडिशा तट से करीब तीन लाख लोगों को हटाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. मौसम विभाग के मुताबिक, तितली का लैंडफॉल ओडिशा के गोपालपुर से 86 किमी दक्षिण-पश्चिम में स्थित है.

इस तूफान का सबसे ज्यादा असर भी गोपालपुर में ही देखने को मिल रहा है. जानकारी के मुताबिक, गोपालपुर में तूफानी हवाएं 140 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही हैं. मौसम विभाग को अनुमान है कि इसकी रफ्तार दिन चढ़ने के साथ बढ़ सकती है और 165 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है.

मौसम विभाग के समुद्र में ऊंची लहरें उठने के पूर्वानुमान के मद्देनजर ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने हालात का जायजा लिया. उन्होंने गंजम, पुरी, खुर्दा, केंद्रपाड़ा और जगतसिंहपुर जिलों के कलेक्टरों से तटीय क्षेत्र में निचले इलाकों में रह रहे लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने को कहा है. उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को भी कहा कि चक्रवात के चलते किसी भी व्यक्ति की जान नहीं जाए और लोगों के लिए चक्रवात आश्रय स्थलों को तैयार रखने को भी कहा.

पटनायक ने राज्य में भारी से अत्यंत भारी बारिश के पूर्वानुमान के चलते बृहस्पतिवार और शुक्रवार को सभी स्कूल-कॉलेजों और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखने का आदेश दिया. बृहस्पतिवार को होने वाले कॉलेज छात्रसंघ चुनाव भी स्थगित कर दिए गए हैं.

आईएमडी ने 11 अक्टूबर से कंधमाल, बौध तथा ढेंकानाल जिले में भी भारी से अत्यंत भारी बारिश का पूर्वानुमान व्यक्त किया है. बारिश के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. ओडिशा सरकार को भी संभावित बाढ़ के हालात के मद्देनजर सतर्क कर दिया गया है.

मुख्य सचिव ने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘हमने अभी तक सेना की मदद नहीं मांगी है. अगर जरूरत पड़ी तो हम सहायता मांगेंगे.’’ तटीय ओडिशा के कुछ इलाकों में बुधवार को बारिश हुई. मौसम विभाग ने गुरुवार तक कई इलाकों में ‘‘भारी से बहुत भारी वर्षा’’ और कुछ इलाकों में ‘‘अत्यधिक भारी बारिश’’ का अनुमान जताया है. मौसम विभाग ने बताया कि गंजाम, गजपति, पुरी, जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, खुर्दा, नयागढ़, कटक, जाजपुर, भद्रक और बालासोर जैसे जिलों में गुरुवार तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है.

केंद्र ने चक्रवात ‘तितली’ के तट की ओर बढ़ने के मद्देनजर स्थिति से निपटने के लिए बुधवार को ओडिशा, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एन डी आर एफ) के तकरीबन 1,000 कर्मी भेजे. इसके साथ ही इसने खाद्य सामग्री, ईंधन के भंडारण तथा बिजली आपूर्ति एवं दूरसंचार लाइनों को सुचारू रखने के भी निर्देश दिए. कैबिनेट सचिव पी के सिन्हा की अध्यक्षता में राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति की बैठक में चक्रवात के मद्देनजर तैयारियों पर चर्चा की गई.

ताजा अवलोकनों से संकेत मिलता है कि पश्चिम-केंद्रीय बंगाल की खाड़ी के ऊपर से ‘तितली’ तूफान पिछले छह घंटों के दौरान लगभग 19 किमी प्रति घंटे की गति के साथ उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ा. जमीन पर दस्तक देने के बाद तूफान के धीरे-धीरे उत्तर-पूर्व में फिर से वक्र करके ओडिशा को पार करके गंगा से लगे पश्चिम बंगाल के हिस्से की तरफ बढ़ने और फिर धीरे-धीरे कमजोर पड़ने की संभावना है. अधिकारियों ने कहा कि तूफान से पेड़ और बिजली के खंभों के उखड़ने और कच्चे मकानों के क्षतिग्रस्त होने की खबर है. गोपालपुर और ब्रह्मपुर सहित कुछ स्थानों पर सड़क संपर्क टूट गया है.

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