दूसरी नजर- जहां बच्चे उपेक्षित हैं-2
छब्बीस मार्च, 2017 को मैंने एक स्तंभ ‘जहां बच्चे उपेक्षित हैं’ शीर्षक से लिखा था। मैंने कहा था ‘मानव संसाधन विकास की हमारी परिकल्पना में बच्चों का विकास, बच्चों का स्वास्थ्य और बच्चों का पोषण शामिल नहीं है।’ मेरा फोकस बच्चों के पोषण की स्थिति पर था और आंकड़े राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे 2015-16 पर आधारित थे। मुझे यह भी जोड़ना चाहिए था कि मानव संसाधन की हमारी परिकल्पना में ‘बच्चों की शिक्षा और बच्चों का कौशल विकास शामिल नहीं है।’ एक और सराहनीय रिपोर्ट हर साल आती है। यह
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