पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त का सुझाव- नोटा मतों की संख्या जीत के अंतर से अधिक होने पर फिर से कराया जाए चुनाव
पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त टी एस कृष्णमूर्ति ने उन निर्वाचन क्षेत्रों में फिर से चुनाव कराने की वकालत की है जहां जीत का अंतर नोटा मतसंख्या की तुलना में कम रही और विजयी उम्मीदवार एक तिहाई मत जुटाने में भी नाकाम रहे। उन्होंने यह विचार व्यक्त किया कि भारत में ‘फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट निर्वाचन प्रणाली’ अब अपनी उपयोगिता खत्म कर चुकी है। कृष्णमूर्ति ने पीटीआई को बताया, ‘‘मेरे विचार में नोटा बहुत बेहतर है। हमें यह कहना चाहिए कि अगर नोटा मतों के कुछ निश्चित प्रतिशत को पार कर जाता है जैसे
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