सुप्रीम कोर्ट ने कहा- बालिग लड़की अपनी मर्जी की मालिक: मां ने मांगी थी कस्टडी
सुप्रीम कोर्ट ने एक लड़की की इच्छा से सहमति जताते हुए कहा है कि वह अब बालिग है और अपनी स्वतंत्रता का उपयोग करने की हकदार है। कोर्ट ने आगे कहा कि अदालतों को ‘सुपर गार्जियन’ नहीं बनना चाहिए। दरअसल, इस लड़की को अपने-अपने संरक्षण में रखने के लिए अलग-अलग रह रहे उसके माता-पिता कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति एएम खानविलकर तथा न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ की सदस्यता वाली एक पीठ ने खचाखच भरे अदालत कक्ष में 18 वर्षीय लड़की से बात की। लड़की ने
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