ओशो कहते थे- लड़के-लड़कियों को अलग हॉस्टल में रखोगे तो समलैंगिक बनेंगे
आचार्य रजनीश ओशो अलग-अलग विषयों पर दिए गए अपने क्रांतिकारी विचारों के लिए जाने जाते हैं। गांधीवाद, संस्थागत धर्म और तमाम विचारधाराओं का तार्किकता के साथ आलोचना करने वाले ओशो को उनकी चर्चित पुस्तक संभोग से समाधि की ओर के लिए भी जाना जाता है। इस पुस्तक में ओशो ने सेक्स को नैसर्गिक और जीवन का अनिवार्य कृत्य बताया है। इस विचारधारा की जमीन पर ही वह संतों के ब्रह्मचर्य सिद्धांत का भी विरोध करते हैं। ओशो के इन्हीं विचारों की वजह से उनके समय से लेकर आज तक उनकी
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