प्रवहमान ज्ञान परंपराएं
मणींद्र नाथ ठाकुर भारत राष्ट्र-राज्य से ज्यादा एक सभ्यता है। इसकी अपनी ज्ञान परंपराएं हैं। इसका बहुत पुराना इतिहास है। देश के हर हिस्से में किसी न किसी प्राचीन ज्ञान परंपरा के अवशेष मिल जाते हैं। क्या ये परंपराएं जीवंत हैं या मारणासन्न? कोलंबिया विश्वविद्यालय के प्रोफेसर शेल्डन पोलोक के एक प्रजेक्ट का नाम ही है ‘डेथ आॅफ संस्कृत’। उनका मानना है कि इस परंपरा की मृत्यु बहुत पहले हो गई थी और इसके कुछ अवशेष बचे हुए हैं, जिनको अब समेट कर जमा कर लेना बहुत जरूरी है, अन्यथा
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