सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को जमकर लगाई फटकार, कहा- आप बच्चों के बारे में गंभीर नहीं
उच्चतम न्यायालय ने किशोर न्याय अधिनियम (जेजे) को लागू करने के मामले में ‘आधा-अधूरा’ हलफनामा दायर करने के लिये केंद्र की बुधवार (15 नवंबर) को कड़ी आलोचना की और कहा कि सरकार को इस देश के बच्चों के बारे में गंभीर होना है। शीर्ष अदालत ने कहा कि केंद्र ने 80 पन्ने का हलफनामा दायर किया है, लेकिन उसने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा प्रदत्त आंकड़ों का संकलन नहीं किया और अदालत को पूरी सूचना नहीं दी गई है। न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने
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