मोटर वाहन संशोधन बिल – 2019 राज्यसभा में पास, पढ़िए कहाँ-कहाँ बढ़ा जुर्माना

मोटर व्हीकल संशोधन बिल 2019 बुधवार को राज्यसभा में पास हो गया। राज्यसभा ने विधेयक को चर्चा के बाद 13 के मुकाबले 108 मतों से पारित कर दिया।

बिल पेश करते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने स्वीकार किया कि देश में पिछले पांच सालों में सड़क हादसों में बढ़ोतरी के चलते होने वाली मौतों की वजह से सड़क सुरक्षा के मौजूदा कानूनों में बदलाव करना जरूरी है।

नए एक्ट के सेक्शन 194-बी के तहत चार साल से बड़े बच्चें के लिए कार में सीट बेल्ट अनिवार्य कर दी गई है।अगर ऐसा नहीं होता है तो वाहन मालिक पर एक हजार रुपये तक का जुर्माना होगा।वह बच्चा दुपहिया वाहन पर बैठा है तो उसे हेलमेट पहनाना होगा।

नए एक्ट के सेक्शन 110 ए और 110 बी में प्रावधान कर केद्र सरकार को रिकॉल ऑफ व्हीकल की पावर दे दी गई है।

रोड इंजीनियरिंग की वजह से अगर कोई हादसा होता है तो सीधे तौर पर इसके लिए संबंधित ठेकेदार या कंपनी को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाता।नए एक्ट में ऐसे केस के तहत सम्बंधित एजेंसी या ठेकेदार पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना किया जा सकता है।

बच्चों के हाथ में वाहन देना – मौजूदा एक्ट में एक हजार रुपये का जुर्माना और तीन माह तक की सजा का प्रावधान है, लेकिन नए एक्ट के सेक्शन-199 ए के तहत कसूरवार पर 25 हजार रुपये जुर्माना और तीन साल तक की सजा का नियम बना दिया गया है।इसके अलावा नाबालिग के खिलाफ भी जुवेनाइन जस्टिस एक्ट के तहत एक्शन लिया जाएगा।

हिट एंड रन केस में यदि पीड़ित घायल है तो आरोपी वाहन चालक पर 12500 और पीड़ित की मौत होने पर 25 हजार रुपये का जुर्माना होता है।नए एक्ट में क्रमशः यह राशि पचास हजार और दो लाख रुपये रखी गई है। साल 2018 में हिट एंड रन के करीब 55 हजार मामले सामने आए थे, जिनमें 22 हजार से अधिक लोगों की जान चली गई है।

रेसिंग करने पर – अभी 500 रुपये और नए एक्ट में 5,000

सीट बेल्ट – अभी 100 रुपये, नए एक्ट में 1,000

हेलमेट – अभी 100 रुपये और नए एक्ट में 1000

बिना इंश्योरेंश – मौजूदा एक्ट में 1000 रुपये नए एक्ट में 2,000

बिना डीएल – अभी 500 रुपये और नए एक्ट में 5,000 अयोग्य ठहराने के बाद भी ड्राइविंग करते पकड़े गए तो दस हजार रुपये का चालान होगा, जबकि अभी यह राशि पांच सौ रुपये है

वाहन की गलत बनावट – अभी ऐसा कोई प्रावधान है ही नहीं कि वाहन की गलत बनावट के चलते हादसा हो जाए और संबंधित कंपनी पर जुर्माना हो।नए एक्ट में यह प्रावधान शामिल है।यदि सुरक्षा के मापदंड पूरे नहीं होते हैं तो डीलर पर एक लाख और निर्मामा पर सौ करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है

ओवर स्पीड – अभी 400 रुपये और नए एक्ट में 2,000 – 4,000 रुपये प्रस्तावित किया गया है

खतरनाक ड्राइविंग – अभी 1,000 और नए एक्ट में 5,000 रुपये।

ड्रंकन ड्राइविंग – अभी 2,000 और नए एक्ट में 10,000 रूपये तक का जुर्माना किया जा सकता है।जेल की सज़ा का भी प्रावधान

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *